कितना कारोबार जीएसटी पंजीकरण के लिए आवश्यक है | GST Panjikaran

अगर आपका व्यापार है या आज के दौर में कोई स्टार्टअप प्लान कर रहे हैं तो आपके मन में यह सवाल जरूर होगा कि कितना कारोबार जीएसटी पंजीकरण के लिए आवश्यक है?

वैसे सिर्फ यही सवाल नहीं ऐसे बहुत से सवाल और भी होते हैं एक बिज़नेस करने वाले व्यक्ति के मन में लेकिन यह सवाल सभी सवालों से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है या यूं कहा जाए कि यह सवाल ही स्त्रोत है सभी सवालों का।

इस लेख में हम आपको जीएसटी पंजीकरण, कारोबार लिमिट, पंजीकरण के फायदे आदि बताएंगे जिससे जीएसटी पंजीकरण से संबंधित सभी सवालों का जवाब आपको मिल सके। 

कितना कारोबार जीएसटी पंजीकरण के लिए आवश्यक है?

31 मार्च 2019 तक कि जीएसटी पंजीकरण की लिमिट 

सामान्य श्रेणी के राज्यों में अगर आपके व्यापार का सालाना कारोबार 20 लाख से अधिक है तो जीएसटी पंजीकरण आवश्यक है

विशेष श्रेणी के राज्यों में यह सीमा 10 लाख है

जीएसटी पंजीकरण की नई सीमा

सामान्य श्रेणी वाले राज्यों में (वस्तुओं) की सीमा – 40 लाख रुपये

सामान्य श्रेणी वाले राज्यों में (सेवाओं) की सीमा – 20 लाख रुपये 

विशेष श्रेणी वाले राज्यों में (वस्तुओं) की सीमा – 20 लाख रुपये 

विशेष श्रेणी वाले राज्यों में (सेवाओं) की सीमा – 10 लाख रुपये 

सरल भाषा में समझिए कि अगर आप सामान्य श्रेणी वाले राज्य में हैं तो आपको वस्तुओं के कारोबार की सीमा 40 लाख है और सेवाओं के कारोबार की सीमा 20 लाख है और अगर इससे अधिक हुआ तो आपको पंजीकरण करवाने की आवश्यकता होगी, 

इसी तरह अगर आप विशेष श्रेणी वाले राज्यों में कारोबार कर रहे हैं तो आपको वस्तुओं के कारोबार पर 20 लाख रुपये और सेवाओं के कारोबार पर 10 लाख रुपये की सीमा प्राप्त है।

कम्पोजीशन स्कीम की जीएसटी पंजीकरण लिमिट 

  • अगर आप ट्रेडर्स या कोई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाते हैं तो आपके वार्षिक कारोबार की टर्नओवर सीमा 1.5 करोड़ है
  • अगर आप कोई रेस्टोरेंट सर्विस प्रोवाइडर हैं तो भी आपके वार्षिक कारोबार की टर्नओवर सीमा 1.5 करोड़ है
  • अगर आप इन दोनों के अलावा कोई दूसरे सर्विस प्रोवाइडर हैं तो जीएसटी पंजीकरण की सीमा 50 लाख है।

ऊपर उल्लेखित सीमा से अगर आपका वार्षिक टर्नओवर अधिक हो जाता है तो आपको जीएसटी में पंजीकरण करवाने की आवश्यकता होगी।

किस स्थिति में जीएसटी पंजीकरण करवाना ज़रूरी है?

जीएसटी में पंजीकरण करवाने के लिए मुख्यतः 2 परिस्थिति होती हैं जब किसी भी बिज़नेस के मालिक को अनिवार्य रूप से जीएसटी पंजीयन लेना ही है, वे परिस्थितियां नीचे उल्लेखित हैं :

सालाना कारोबार 

कितना कारोबार जीएसटी पंजीकरण के लिए आवश्यक है? इस सवाल का जवाब इस परिस्थिति में है। 

अगर आप एक व्यापारी हैं और आप टैक्स आकर्षित करने वाली किसी भी वस्तु की सप्लाई कर रहे हैं और उस सप्लाई से आपका सालाना कारोबार 40 लाख रुपयों से ज्यादा है तो यह आपके लिए आवश्यक है कि आप जीएसटी में रजिस्ट्रेशन यानी पंजीकरण करवाएं। 

महत्वपूर्ण जानकारी – यह 40 लाख कारोबार की लिमिट विशेष राज्यों में 20 लाख है।

फर्म विलय या ट्रांसफर 

अगर आपकी फर्म/बिज़नेस किसी अन्य बिज़नेस से मिल रहा है मतलब अन्य में शामिल हो रहा है या फर्म का ट्रांसफर हो रहा है तो ऐसी परिस्थिति में आपको जीएसटी का पंजीकरण करवाना ही होगा। 

महत्वपूर्ण जानकारी – अगर किसी फर्म के मालिक का देहांत हो गया हो या किसी और कारण से फर्म का मालिकाना हक ट्रांसफर हो रहा हो तो ऐसे में भी वो व्यक्ति जिसे मालिकाना हक मिल रहा हो उसे नया रजिस्ट्रेशन लेना अनिवार्य है। 

अन्य विशेष परिस्थिति 

जैसा कि हमने बताया है कि सालाना 40 लाख से ज्यादा का कारोबार होने पर ही जीएसटी पंजीकरण करवाना होता है लेकिन बहुत सी परिस्थितियां ऐसी हैं जहाँ अगर आपका कारोबार 40 लाख से कम भी है तब भी रोको जीएसटी पंजीकरण लेना अत्यंत आवश्यक है, जैसे

  • अगर आप एक राज्य से दूसरे राज्य अपनी वस्तु या सेवा प्रदान कर रहे हैं 
  • अगर आप किसी रजिस्टर्ड व्यक्ति से सामान खरीद रहे हैं और रिवर्स चार्ज के तहत टैक्स दे रहे हैं
  • अगर आप NRI हैं और आप किसी ऐसे वस्तु या सेवा की सप्लाई कर रहे हैं जो टैक्स आकर्षित करता है तो ऐसे में आपको व्यापार शुरू करने के 5 दिनों के अंदर ही पंजीकरण करवाना होगा
  • सभी ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स को भी जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य है
  • अगर आप किसी ऐसी जगह टैक्स योग्य वस्तु या सेवा प्रदान कर रहे हैं जहां मेला या प्रदर्शनी लगी हो तो उस परिस्थिति में भी आपको व्यापार शुरू करने के 5 दिन के अंदर ही कैजुअल करदाता (Casual Taxpayer) के रूप में पंजीकरण करवाना आवश्यक है
  • अगर आप किसी दूसरे रजिस्टर्ड व्यक्ति की तरफ से टैक्स योग्य वस्तु या सेवा प्रदान कर रहे हैं तो ऐसे में आपको पंजीकरण करवाना आवश्यक है

जीएसटी पंजीकरण के फायदे 

नीचे हमने कुछ कारण उल्लेखित किये हैं जो साबित करते हैं कि जीएसटी पंजीकरण करना क्यों फायदेमंद है:

  • जीएसटी पंजीकरण एक प्रकार का कानूनी प्रमाण है जो किसी व्यक्ति को वस्तुओं और सेवाओं के प्रमाणित प्रदाता के रूप में स्वीकार करता है।
  • जीएसटी के कानून के तहत आने वाले अन्य सभी लाभों और लाभों के लिए व्यक्ति को अपने आप योग्य बनाता है।
  • व्यक्ति को अपने ग्राहकों से टैक्स एकत्र करने और भुगतान किए गए टैक्स के क्रेडिट को अपने ग्राहकों या आपूर्तिकर्ताओं को आगे ले जाने का कानूनी अधिकार मिलता है।
  • यह पूरे देश में वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाने वाला एक समान टैक्स है, जिससे संपूर्ण अप्रत्यक्ष टैक्स संरचना को समझने में आसानी होती है।
  • जीएसटी पंजीकरण करवा चुके व्यापारी को आईटीसी यानी इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलता है, आसान भाषा में इनपुट टैक्स क्रेडिट वो होता है जो व्यापारी को टैक्स पेमेंट के बदले मिलता है मतलब अगर व्यापारी ने सामान खरीदते समय 18% का जीएसटी जमा किया तो कुछ हिस्सा वो सरकार से वापस ले सकता है।
  • जीएसटी पंजीकरण आपके लिए व्यापार आसान कर देता हिअ और पूरे भारत में व्यापार करने के रास्ते खोल देता है मतलब आप एक राज्य से दूसरे राज्य अपना व्यापार आसानी से कर सकते हैं।
  • जीएसटी में जिसने पंजीकरण किया है आमतौर पर बैंक भी उसी व्यापारी को लोन देती है।
  • जीएसटी पंजीकरण की एक खासियत यह भी है कि सरकार द्वारा आपको दुर्घटना बीमा के लिए 5 लाख तक का कवर भी मिलता है।
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वे राज्य जिन्होंने नयी जीएसटी पंजीकरण सीमा चुनी है

नयी सीमा जो 40 लाख है नीचे उल्लेखित सामान्य श्रेणी के राज्यों ने चुनी है :

दिल्ली, बिहार, केरल, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, गोवा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, उड़ीसा, तमिलनाडु, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह

इसके अलावा तेलंगाना राज्य 20 लाख रुपये की मौजूदा जीएसटी पंजीकरण सीमा में ही है। 

नयी सीमा जो 20 लाख है नीचे उल्लेखित विशेष श्रेणी के राज्यों ने चुनी है :

जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, असम

इसके अलावा पुदुचेरी, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, सिक्किम, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड यह सब राज्य 10 लाख रूपए की मौजूदा जीएसटी पंजीकरण सीमा में ही है। 

और अंत में 

इस लेख में हमने यह तो सविस्तार बता दिया है कि कितना कारोबार जीएसटी पंजीकरण के लिए आवश्यक है, जीएसटी के वैसे तो कई पहलु हैं लेकिन यह सवाल सबसे ज्यादा बार पूछा जाता है और लोगों के बीच हमेशा चर्चा का केंद्र बना रहता है।

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About the author

Gaurav Singh Rawat

Gaurav takes care of all the Hindi content you see on the blog. Apart from writing and translating content, he is also an avid gamer, and in his free time, he's stuck to his gaming laptop trying out new games.

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